देश में 1 अप्रैल से टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। करीब छह दशक से लागू आयकर अधिनियम 1961 की जगह अब नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि नए कानून का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और आम लोगों के लिए समझने योग्य बनाना है। इसका असर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने वाले करोड़ों टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा।
आइए जानते हैं नए कानून में क्या बदला और क्या नया जुड़ा।
1. टैक्स सिस्टम हुआ आसान, ‘टैक्स ईयर’ लागू
नए एक्ट में सबसे बड़ा बदलाव टैक्स की भाषा और संरचना में किया गया है। अब जटिल कानूनी शब्दों की जगह सरल भाषा का इस्तेमाल किया गया है ताकि आम व्यक्ति भी नियम समझ सके।
सबसे अहम बदलाव यह है कि फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर की अलग व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अब सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ होगा — यानी जिस साल आय होगी, उसी साल का टैक्स माना जाएगा।
2. गिफ्ट और वाउचर पर टैक्स छूट बढ़ी
कंपनियों से मिलने वाले गिफ्ट कार्ड, कूपन और वाउचर पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ा दी गई है।
- पहले छूट: ₹5,000 सालाना
- अब छूट: ₹15,000 सालाना
यह सुविधा नई और पुरानी दोनों टैक्स व्यवस्था में लागू रहेगी, जिससे कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा।
3. दुर्घटना मुआवजे के ब्याज पर टैक्स खत्म
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) से मिलने वाले मुआवजे के ब्याज को अब पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया गया है।
पहले इस रकम पर टैक्स कटौती होती थी, लेकिन अब पीड़ितों को पूरी राशि मिलेगी।
4. क्रेडिट कार्ड खर्च पर बढ़ी निगरानी
नए नियमों के तहत बड़े वित्तीय लेनदेन पर आयकर विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है।
- ₹10 लाख से ज्यादा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन
- ₹1 लाख से अधिक नकद खर्च
इनकी जानकारी अब विभाग को देना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य टैक्स चोरी पर रोक लगाना है।
5. HRA क्लेम के नियम सख्त, मेट्रो शहरों की सूची बढ़ी
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) क्लेम के नियमों को सख्त किया गया है। अब फर्जी किराया रसीदों के जरिए टैक्स बचाना आसान नहीं होगा।
- मकान मालिक का PAN देना जरूरी होगा
- जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी भी मांगी जा सकती है
इसके अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को मेट्रो शहरों की सूची में शामिल किया गया है। यहां अब HRA पर 40% की जगह 50% तक टैक्स छूट मिलेगी।
क्या है सरकार का उद्देश्य?
सरकार का कहना है कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाकर अनुपालन बढ़ाने और टैक्सपेयर्स की परेशानी कम करने के लिए लाया गया है। इससे रिटर्न फाइलिंग और नियमों को समझना पहले से आसान होने की उम्मीद है।
राष्ट्रबंधु की नवीनतम अपडेट्स पाने के लिए हमारा Facebook पेज लाइक करें, WhatsApp व YouTube पर हमें सब्सक्राइब करें, और अपने पसंदीदा आर्टिकल्स को शेयर करना न भूलें।
CHECK OUT LATEST SHOPPING DEALS & OFFERS
