Gold Crisis: दुनिया में जब भी आर्थिक संकट, युद्ध, मंदी या महंगाई का दौर आता है तो एक धातु अचानक सबसे ज्यादा चर्चा में आ जाती है और वह है सोना। हजारों सालों से इंसानी सभ्यताओं के बीच अपनी खास पहचान बनाए रखने वाला सोना आज भी देशों, निवेशकों और आम लोगों के लिए भरोसे का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है, जिसके बाद यह सवाल फिर चर्चा में आ गया कि आखिर इस धातु की कीमत और अहमियत इतनी ज्यादा क्यों है।
संकट के दौर में क्यों बढ़ जाता है सोने का महत्व
आर्थिक अस्थिरता के समय शेयर बाजार और विभिन्न देशों की मुद्राओं में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे हालात में निवेशक सुरक्षित विकल्प की तलाश करते हैं। माना जाता है कि सोना लंबे समय तक अपनी वैल्यू बनाए रखता है, इसलिए इसे “सेफ हेवन एसेट” यानी सुरक्षित निवेश माना जाता है। युद्ध, महामारी, मंदी और वैश्विक तनाव के दौरान इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है।
केंद्रीय बैंक भी बढ़ाते हैं सोने का भंडार
भारतीय रिजर्व बैंक सहित दुनिया के कई बड़े केंद्रीय बैंक आर्थिक अनिश्चितता के समय सोने की खरीद बढ़ा देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी देश के पास ज्यादा सोना होना उसकी आर्थिक मजबूती और स्थिरता का संकेत माना जाता है। इसके साथ ही यह अमेरिकी डॉलर जैसी विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम करने में भी मदद करता है।
महंगाई के खिलाफ सुरक्षा कवच माना जाता है सोना
कागजी मुद्रा को सरकारें जरूरत के हिसाब से छाप सकती हैं, लेकिन सोने का उत्पादन सीमित होता है। जब महंगाई बढ़ती है और पैसे की खरीदने की क्षमता घटती है, तब भी सोना लंबे समय तक अपनी कीमत बनाए रखने में सक्षम रहता है। यही कारण है कि निवेशक इसे महंगाई के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच मानते हैं।
दुर्लभता भी बढ़ाती है इसकी कीमत
सोना पृथ्वी में बेहद सीमित मात्रा में पाया जाता है। इसकी आपूर्ति बहुत धीमी गति से बढ़ती है, जबकि दुनियाभर में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। मांग और आपूर्ति के इसी अंतर की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत हमेशा ऊंचे स्तर पर बनी रहती है।
सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है सोने का इस्तेमाल
अक्सर लोग सोने को सिर्फ आभूषणों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा उपकरण, रक्षा तकनीक और एयरोस्पेस जैसे सेक्टरों में भी सोने की अहम भूमिका होती है। यही वजह है कि इसकी औद्योगिक मांग भी लगातार बनी रहती है।
सदियों पुराना भरोसा आज भी कायम
सोना सदियों से संपत्ति, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता रहा है। डिजिटल निवेश और कागजी संपत्तियों के दौर में भी लोग सोने पर भरोसा करते हैं क्योंकि इसे सीधे तौर पर अपने पास सुरक्षित रखा जा सकता है। यही वजह है कि हर बड़े आर्थिक संकट के दौरान दुनिया फिर से सोने की तरफ लौटती नजर आती है।
राष्ट्रबंधु की नवीनतम अपडेट्स पाने के लिए हमारा Facebook पेज लाइक करें, WhatsApp व YouTube पर हमें सब्सक्राइब करें, और अपने पसंदीदा आर्टिकल्स को शेयर करना न भूलें।
CHECK OUT LATEST SHOPPING DEALS & OFFERS
