Social Media Ban for Kids: दुनियाभर में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नियम लगातार सख्त होते जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया द्वारा नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब 20 से अधिक देश ऐसे ही कानूनों पर विचार कर रहे हैं या उन्हें लागू करने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। इसी बीच भारत में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऑस्ट्रेलिया के फैसले की सराहना के बाद।
कई देशों में लागू हो चुके हैं प्रतिबंध
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के पांच देशों में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है, जबकि कई अन्य देश इसी तरह के कानून बनाने की प्रक्रिया में हैं।
- ऑस्ट्रेलिया में दिसंबर 2025 से 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू है।
- चीन में 2023 से नाबालिगों के लिए सख्त सोशल मीडिया नियम लागू हैं।
- इंडोनेशिया ने मार्च 2026 में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर रोक लगाने का फैसला किया।
- मलेशिया भी इस दिशा में नियम लागू कर चुका है।
- तुर्की इस वर्ष के अंत तक और यूएई अगले वर्ष से बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू करने की तैयारी में हैं।
कई अन्य देश भी बना रहे हैं कानून
रिपोर्ट के अनुसार, यूके और ग्रीस 2027 से तथा स्वीडन 2028 से बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लागू करने की योजना बना रहे हैं।
वहीं कनाडा और नॉर्वे इसी वर्ष इस संबंध में कानून ला सकते हैं। इसके अलावा जर्मनी, डेनमार्क, आयरलैंड, ऑस्ट्रिया, स्लोवेनिया, फ्रांस, पुर्तगाल, स्पेन और इटली जैसे देशों में भी इस विषय पर कानून बनाने को लेकर विचार-विमर्श जारी है।
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बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक की मांग क्यों बढ़ रही है?
बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर सोशल मीडिया के प्रभाव को देखते हुए कई देशों में यह कदम उठाया जा रहा है। प्रतिबंध का समर्थन करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों को ध्यान में रखकर विकसित नहीं किए गए थे और इनके अत्यधिक उपयोग से डिप्रेशन, एंग्जायटी, मोटापा जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि, इस प्रस्ताव के आलोचकों का मानना है कि केवल प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका तर्क है कि बच्चे वैकल्पिक तरीकों से सोशल मीडिया तक पहुंच बना सकते हैं, इसलिए डिजिटल शिक्षा, अभिभावकीय निगरानी और सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण जैसे उपाय भी उतने ही आवश्यक हैं।
क्या भारत में भी बन सकता है ऐसा कानून?
फिलहाल भारत सरकार की ओर से बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, इस विषय पर वैश्विक स्तर पर बढ़ती चर्चा और अन्य देशों के फैसलों के बाद भविष्य में इस दिशा में नीतिगत विचार-विमर्श होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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