नमो भारत से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बिजली की लागत कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने 110 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट से बिजली खरीदने के लिए समझौता किया है। इस परियोजना के जरिए Delhi-Meerut Namo Bharat Corridor की करीब 60 फीसदी बिजली जरूरत पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, बिजली खर्च में संभावित बचत का फायदा यात्रियों को किराया कम होने के रूप में मिलेगा या नहीं, इसको लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
NCRTC के अनुसार यह सोलर प्लांट उत्तर प्रदेश के जालौन में विकसित किया जाएगा। परियोजना पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे अगले 24 महीनों के भीतर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। प्लांट से उत्पादित बिजली उत्तर प्रदेश के बिजली ग्रिड के माध्यम से NCRTC के उत्तर प्रदेश और दिल्ली स्थित सब-स्टेशनों तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद इसी बिजली का इस्तेमाल नमो भारत कॉरिडोर के संचालन में किया जाएगा।
25 साल तक Fixed Rate पर मिलेगी Solar Electricity
NCRTC और संबंधित पक्षों के बीच हुए समझौते के अनुसार कॉरिडोर के लिए इस सोलर प्लांट से 25 वर्षों तक तय कीमत पर बिजली खरीदी जाएगी। इससे बिजली की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी और कॉरिडोर की पारंपरिक बिजली पर निर्भरता भी घटेगी।
नमो भारत के संचालन खर्च में बिजली की हिस्सेदारी करीब 30 से 35 फीसदी बताई गई है। ऐसे में सोलर एनर्जी के इस्तेमाल से परिचालन लागत को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
बिजली खर्च में 25% तक बचत का अनुमान
NCRTC का अनुमान है कि इस सोलर प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद हर साल बिजली पर होने वाले खर्च में करीब 25 फीसदी तक की कमी आ सकती है। इसके साथ ही पर्यावरण को भी फायदा होने की उम्मीद है।
परियोजना से हर साल करीब 1.77 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। इसके अलावा नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे प्रदूषक तत्वों के उत्सर्जन में भी कमी आ सकती है। इससे Namo Bharat Corridor को अधिक Green और Sustainable Public Transport System बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।
क्या Solar Project से Namo Bharat का किराया भी घटेगा?
सोलर प्लांट से बिजली की लागत में कमी आने की उम्मीद जरूर है, लेकिन इसका सीधा असर Namo Bharat के किराए पर पड़ेगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। NCRTC की ओर से फिलहाल किराया कम करने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
इसलिए यात्रियों के लिए फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि Solar Power Agreement से कॉरिडोर की Operating Cost कम करने और लंबे समय में ऊर्जा खर्च को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।
रोजाना करीब 1 लाख यात्री कर रहे सफर
Delhi-Meerut Namo Bharat Corridor के फरवरी 2026 में पूरी तरह शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में इस कॉरिडोर पर रोजाना करीब एक लाख यात्री सफर कर रहे हैं। अब तक इस सेवा का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की कुल संख्या 4 करोड़ से अधिक हो चुकी है।
28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर Namo Bharat में 1.68 लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया। यह कॉरिडोर पर अब तक की सबसे अधिक दैनिक यात्री संख्या रही।
Metro और Regional Transport में बढ़ेगा Solar Energy का इस्तेमाल
110 MW सोलर प्लांट से मिलने वाली बिजली के जरिए NCRTC न केवल अपने ऊर्जा खर्च को कम करने की कोशिश कर रहा है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में Renewable Energy के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देगा। Delhi-Meerut Namo Bharat Corridor में Solar Power का बड़े स्तर पर इस्तेमाल Regional Transport और Metro आधारित परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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