समय के साथ बाइक चलाने का तरीका भी काफी बदल गया है। पहले लोग किसी अनजान जगह पर पहुंचने के लिए रास्ता पूछते थे, लेकिन अब स्मार्टफोन और नेविगेशन ऐप्स ने सफर को काफी आसान बना दिया है। बाइक सवार भी रास्ता खोजने के लिए Google Maps समेत दूसरे Navigation Apps का इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि, बाइक के हैंडलबार, डैशबोर्ड या विंडस्क्रीन पर मोबाइल होल्डर लगाकर नेविगेशन देखना हमेशा पूरी तरह सुरक्षित या कानूनी नहीं माना जा सकता। ट्रैफिक नियमों के तहत ड्राइविंग के दौरान ध्यान भटकाने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में बाइक पर मोबाइल होल्डर इस्तेमाल करने वालों के लिए यह समझना जरूरी है कि फोन का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है।
Mobile Holder लगाना अपने आप में अपराध नहीं
भारतीय मोटर वाहन नियमों के तहत ड्राइविंग के दौरान हाथ में मोबाइल फोन पकड़कर बात करना या मैसेज करना प्रतिबंधित है। लेकिन नेविगेशन के लिए मोबाइल को होल्डर में लगाना अलग स्थिति है। यदि फोन का इस्तेमाल केवल रास्ता देखने के लिए किया जा रहा है और वह चालक की विजिबिलिटी को प्रभावित नहीं कर रहा है, तो केवल मोबाइल होल्डर लगाया होना अपने आप में गैर-कानूनी नहीं माना जाता।
हालांकि, मोबाइल की पोजीशन बेहद महत्वपूर्ण है। यदि फोन इस तरह लगाया गया है कि उससे सामने की सड़क का दृश्य बाधित हो रहा है या चालक की नजर सड़क से हट रही है, तो यह परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए फोन को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां रोड व्यू और वाहन के जरूरी मीटर या इंडिकेटर स्पष्ट दिखाई देते रहें।
चलती बाइक पर स्क्रीन टच करना पड़ सकता है भारी
मोबाइल होल्डर का इस्तेमाल करने के बाद भी बाइक चलाते समय फोन की स्क्रीन से छेड़छाड़ करना जोखिम भरा हो सकता है। रास्ते के बीच में मोबाइल को स्वाइप करना, नया रूट चुनना, मैसेज पढ़ना या चैट करना चालक का ध्यान सड़क से हटा सकता है।
यदि ट्रैफिक पुलिस या कैमरे में ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाते हैं, तो इसे मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़े यातायात उल्लंघन के तौर पर देखा जा सकता है। ऐसे मामलों में जुर्माना लगाया जा सकता है और गंभीर या दोहराए गए उल्लंघन में अधिक सख्त कार्रवाई का प्रावधान हो सकता है।
बाइक में Mobile Holder कहां लगाना चाहिए?
बाइक पर मोबाइल होल्डर लगाते समय उसकी पोजीशन पर खास ध्यान देना चाहिए। इसे हैंडलबार पर ऐसी जगह फिक्स करना बेहतर है जहां फोन देखने के लिए आपको सड़क से नजरें हटानी न पड़ें। साथ ही फोन बाइक के मीटर कंसोल, इंडिकेटर या दूसरे जरूरी उपकरणों को भी न ढके।
कार में भी मोबाइल होल्डर ऐसी जगह लगाया जाना चाहिए जहां सामने की विजिबिलिटी प्रभावित न हो। डैशबोर्ड के निचले हिस्से या उपयुक्त एयर-कंडीशनिंग वेंट पर लगाया गया होल्डर आमतौर पर विंडस्क्रीन के सामने मोबाइल लगाने की तुलना में रोड व्यू में कम बाधा डालता है।
Google Maps इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर बाइक से किसी अनजान जगह पर जा रहे हैं तो सफर शुरू करने से पहले ही Google Maps या किसी दूसरे Navigation App में अपना Destination सेट कर लें। इससे रास्ते के बीच में मोबाइल को बार-बार छूने की जरूरत कम होगी।
अगर सफर के दौरान रूट बदलना जरूरी हो जाए, तो बाइक को पहले किसी सुरक्षित स्थान पर रोकें और उसके बाद ही फोन में बदलाव करें। चलती बाइक पर स्क्रीन देखने या उसे ऑपरेट करने से बचें।
नेविगेशन के लिए Voice Guidance का इस्तेमाल करना भी उपयोगी हो सकता है। इससे बार-बार मोबाइल स्क्रीन देखने की जरूरत नहीं पड़ती और आपका ध्यान सड़क पर बनाए रखने में मदद मिलती है।
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