Homeखबरेंडिजिटल अरेस्ट मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, CJI बोले- पढ़े-लिखे लोग...

डिजिटल अरेस्ट मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, CJI बोले- पढ़े-लिखे लोग भी हो रहे शिकार

देश में तेजी से बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामलों को लेकर Supreme Court of India ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने इस बात पर हैरानी जताई कि पढ़े-लिखे लोग भी इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।

CJI ने सुनाया चौंकाने वाला मामला

सीजेआई सूर्यकांत और Joymalya Bagchi की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी। इस दौरान सीजेआई ने एक बुजुर्ग महिला का उदाहरण देते हुए कहा कि साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए उनकी रिटायरमेंट की पूरी रकम ठग ली। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से, उनकी रिटायरमेंट की पूरी राशि ठग ली गई.’

‘पढ़े-लिखे लोग भी ठगे जा रहे हैं’

सुनवाई के दौरान एक वकील ने बताया कि कोर्ट के हस्तक्षेप के बावजूद ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस पर सीजेआई ने हैरानी जताते हुए कहा, ‘यह हैरान करने वाला है कि पढ़े-लिखे लोग भी इस तरह ठगे जा रहे हैं.’

क्या है ‘डिजिटल अरेस्ट’ का नया जाल

‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर अपराध का एक नया तरीका बनकर सामने आया है। इसमें ठग खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो या ऑडियो कॉल के जरिए लोगों को डराते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर उन्हें मानसिक रूप से बंधक बना लेते हैं। इसके बाद उनसे पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं।

सुनवाई की तारीख बदली, 12 मई को अगली सुनवाई

इस मामले में भारत के अटॉर्नी जनरल R. Venkataramani ने अंतर-विभागीय बैठकों का हवाला देते हुए सुनवाई की तारीख बदलने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इसके बाद कोर्ट ने मामले को 12 मई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

पहले भी ले चुका है स्वत: संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ऐसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी को देखते हुए स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद देशभर में दर्ज मामलों को Central Bureau of Investigation को ट्रांसफर किया गया।

सरकार भी एक्शन में

कोर्ट की सख्ती के बाद Ministry of Home Affairs ने एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति का गठन किया है। साथ ही ऐसे साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी तैयार की गई है।

बढ़ती घटनाओं से चिंता गहरी

देशभर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि इस तरह की ठगी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे और जिम्मेदार एजेंसियों को जवाबदेह बनाया जाएगा।

राष्ट्रबंधु की नवीनतम अपडेट्स पाने के लिए हमारा Facebook पेज लाइक करें, WhatsAppYouTube पर हमें सब्सक्राइब करें, और अपने पसंदीदा आर्टिकल्स को शेयर करना न भूलें।

CHECK OUT LATEST SHOPPING DEALS & OFFERS

Arvind Maurya
Arvind Mauryahttps://www.rashtrabandhu.com
I love writing newsworthy/generally valuable articles. Our passion is to read & learn new things on a routine basis and share them across the net. Professionally I'm a Developer/Technical Consultant, so most of our time goes to discovering & develop new things.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular