Electric vs Petrol Scooter: आज के समय में नया स्कूटर खरीदने की योजना बनाने वाले लोगों के सामने अक्सर एक सवाल होता है कि पेट्रोल स्कूटर खरीदना बेहतर रहेगा या इलेक्ट्रिक स्कूटर। बाजार में अब ऐसे कई पेट्रोल स्कूटर मौजूद हैं जो अच्छा माइलेज देते हैं। वहीं, इलेक्ट्रिक स्कूटर भी अपनी रेंज और कम रनिंग कॉस्ट के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
हालांकि, दोनों में से सही विकल्प चुनने के लिए केवल शुरुआती कीमत या माइलेज देखना काफी नहीं है। अगर एक साल यानी 365 दिनों के दौरान फ्यूल, बिजली, मेंटेनेंस और सर्विसिंग पर होने वाले खर्च की तुलना की जाए, तो दोनों स्कूटरों की लागत में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं कि रोजाना स्कूटर चलाने वालों के लिए कौन सा विकल्प ज्यादा किफायती साबित हो सकता है।
Electric Scooter vs Petrol Scooter: फ्यूल और चार्जिंग का खर्च
पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटर के बीच सबसे बड़ा अंतर उनके रोजाना चलने के खर्च में देखने को मिलता है। यदि पेट्रोल स्कूटर 45 से 50 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देता है, तो पेट्रोल की कीमत के आधार पर इसका खर्च लगभग 2 से 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर हो सकता है।
मान लीजिए कि आप रोजाना 30 किलोमीटर स्कूटर चलाते हैं। इस हिसाब से महीने में लगभग 900 किलोमीटर का सफर तय होगा। ऐसे में पेट्रोल पर हर महीने करीब 2,000 से 2,500 रुपये खर्च हो सकते हैं।
वहीं, अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर को घर की सामान्य बिजली से चार्ज करते हैं, तो उसकी रनिंग कॉस्ट लगभग 20 से 30 पैसे प्रति किलोमीटर हो सकती है। इस हिसाब से 900 किलोमीटर चलाने पर बिजली का खर्च करीब 200 से 300 रुपये तक बैठ सकता है।
इस तुलना के अनुसार, इलेक्ट्रिक स्कूटर इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को हर महीने अच्छी-खासी बचत हो सकती है। हालांकि, वास्तविक खर्च पेट्रोल और बिजली की दरों, स्कूटर की एफिशिएंसी और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करेगा।
Electric Scooter Maintenance: मेंटेनेंस और सर्विसिंग में किसका खर्च कम?
स्कूटर की कुल लागत में केवल पेट्रोल या बिजली का खर्च ही शामिल नहीं होता, बल्कि समय-समय पर होने वाली सर्विसिंग और पार्ट्स की देखभाल भी महत्वपूर्ण होती है। पेट्रोल स्कूटर में इंजन और उससे जुड़े कई मैकेनिकल पार्ट्स होते हैं, जिन्हें नियमित मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है।
इंजन ऑयल बदलना, एयर फिल्टर की सफाई, स्पार्क प्लग की जांच और क्लच बेल्ट की देखभाल जैसे काम पेट्रोल स्कूटर की सर्विसिंग का हिस्सा हो सकते हैं। इस्तेमाल और सर्विसिंग की जरूरत के आधार पर पेट्रोल स्कूटर के सालाना मेंटेनेंस पर लगभग 4,000 से 8,000 रुपये खर्च हो सकते हैं।
दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक स्कूटर में पारंपरिक इंजन और इंजन ऑयल नहीं होता। इसलिए इसमें इंजन ऑयल बदलने जैसे खर्च नहीं आते। हालांकि, ब्रेक, टायर, सस्पेंशन, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की जांच व देखभाल जरूरी रहती है। मॉडल और इस्तेमाल के आधार पर इलेक्ट्रिक स्कूटर का नियमित मेंटेनेंस खर्च पेट्रोल स्कूटर से कम हो सकता है।
Electric Scooter की शुरुआती कीमत ज्यादा, लेकिन क्या जल्दी होगी भरपाई?
इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय कई ग्राहक उसकी शुरुआती कीमत की तुलना पेट्रोल स्कूटर से करते हैं। कुछ इलेक्ट्रिक मॉडल की कीमत समान श्रेणी के पेट्रोल स्कूटर से ज्यादा हो सकती है, जिसके कारण खरीदार शुरुआत में पेट्रोल विकल्प को प्राथमिकता देते हैं।
हालांकि, इलेक्ट्रिक स्कूटर की रनिंग कॉस्ट कम होने के कारण समय के साथ शुरुआती कीमत का अंतर कम हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति रोजाना लंबी दूरी तय करता है, तो पेट्रोल के मुकाबले बिजली पर होने वाली बचत उसके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
कुछ परिस्थितियों में शुरुआती कीमत का अंतर 12 से 18 महीनों में पूरा हो सकता है, लेकिन यह हर स्कूटर के लिए तय नहीं है। वास्तविक अवधि खरीद कीमत, रोजाना तय की जाने वाली दूरी, बिजली और पेट्रोल की दरों, मेंटेनेंस तथा बैटरी से जुड़े संभावित खर्चों पर निर्भर करती है।
इसके विपरीत, अगर स्कूटर का इस्तेमाल बहुत कम होता है और वह ज्यादातर समय खड़ा रहता है, तो इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती कीमत की भरपाई में ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में पेट्रोल स्कूटर भी एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है।
365 दिन का हिसाब: कौन सा स्कूटर पड़ेगा ज्यादा महंगा?
अगर रोजाना 30 किलोमीटर चलने की स्थिति को आधार बनाया जाए, तो पेट्रोल स्कूटर और इलेक्ट्रिक स्कूटर के बीच सालभर के खर्च में बड़ा अंतर हो सकता है।
पेट्रोल स्कूटर में हर महीने फ्यूल पर हजारों रुपये खर्च होने के साथ नियमित सर्विसिंग का खर्च भी जुड़ता है। वहीं, इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने में अपेक्षाकृत कम खर्च आ सकता है और इसके नियमित मेंटेनेंस की जरूरत भी कम हो सकती है।
इसलिए सालाना खर्च के मामले में इलेक्ट्रिक स्कूटर आमतौर पर उन लोगों के लिए ज्यादा किफायती विकल्प बन सकता है, जो रोजाना अच्छी दूरी तय करते हैं और जिनके पास घर या ऑफिस में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है।
हालांकि, स्कूटर खरीदने से पहले उसकी ऑन-रोड कीमत, वास्तविक रेंज, बैटरी वारंटी, सर्विस नेटवर्क और चार्जिंग की सुविधा की तुलना करना जरूरी है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर ही तय किया जा सकता है कि आपके इस्तेमाल के हिसाब से पेट्रोल स्कूटर बेहतर रहेगा या इलेक्ट्रिक स्कूटर।
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