Delhi EV Policy 2026: दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई Delhi EV Policy 2026 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, दिल्ली कैबिनेट ने इस नई नीति को हरी झंडी दे दी है और इसे 1 जुलाई 2026 से लागू किए जाने की उम्मीद है। नई पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को कई बड़े आर्थिक लाभ दिए जाएंगे, जबकि पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है.
BS-IV कार स्क्रैप करने पर मिलेगा 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव
नई EV पॉलिसी में सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो अपनी BS-IV कार को स्क्रैप कराकर उसकी जगह नई इलेक्ट्रिक कार खरीदेंगे। ऐसे वाहन मालिकों को सरकार की ओर से 1 लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य राजधानी की सड़कों से अधिक प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को हटाकर पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है.
EV खरीदने पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस होगी पूरी तरह माफ
नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार ने EV पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ करने का फैसला किया है। इससे नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने की कुल लागत पहले के मुकाबले काफी कम हो जाएगी और अधिक लोग EV अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे.
2027 से सिर्फ ई-ऑटो का होगा नया रजिस्ट्रेशन
दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को भी इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 1 जनवरी 2027 से राजधानी में केवल ई-ऑटो का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके बाद नए CNG या पेट्रोल ऑटो का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा.
2028 से पेट्रोल टू-व्हीलर्स के नए रजिस्ट्रेशन पर रोक की तैयारी
नई EV पॉलिसी में दोपहिया वाहनों को लेकर भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में पेट्रोल से चलने वाले नए टू-व्हीलर्स के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की योजना है। हालांकि, पहले से पंजीकृत और खरीदे गए पेट्रोल टू-व्हीलर्स मौजूदा नियमों के अनुसार चलते रहेंगे.
यह भी पढ़ें: Traffic Police का सख्त एक्शन! गाड़ी पर नहीं लगी HSRP Number Plate तो कट सकता है भारी चालान
EV इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर रहेगा सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि यह नीति केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए पूरे EV इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत राजधानी में चार्जिंग स्टेशनों का तेजी से विस्तार किया जाएगा। साथ ही बैटरी इंफ्रास्ट्रक्चर, निजी और सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाओं को बढ़ाकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और आसान बनाया जाएगा.
15 हजार करोड़ रुपये के निवेश और रोजगार की उम्मीद
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नई EV पॉलिसी के तहत अगले चार वर्षों में लगभग 15,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। यह निवेश चार्जिंग नेटवर्क, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेंटर, बैटरी टेक्नोलॉजी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे दिल्ली में EV इंडस्ट्री को नई गति मिलेगी और हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
राष्ट्रबंधु की नवीनतम अपडेट्स पाने के लिए हमारा Facebook पेज लाइक करें, WhatsApp व YouTube पर हमें सब्सक्राइब करें, और अपने पसंदीदा आर्टिकल्स को शेयर करना न भूलें।
CHECK OUT LATEST SHOPPING DEALS & OFFERS
