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Online Scam Report 2026: भारत में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 67% लोगों को वापस नहीं मिला पैसा; जानें ठगी के नए तरीके

भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। साइबर ठग ऑनलाइन शॉपिंग, नौकरी का लालच, इनाम जीतने के झांसे और फर्जी पेमेंट लिंक के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। जीएसएमए (GSMA) की India Consumer Scam Report 2026 के मुताबिक, ऑनलाइन ठगी में पैसा गंवाने वाले 67 प्रतिशत पीड़ितों को अपनी रकम वापस नहीं मिली। वहीं, रिपोर्ट किए गए 33 प्रतिशत मामले अब भी अनसुलझे हैं।

ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर नौकरी के झांसे तक, इन तरीकों से हो रही ठगी

रिपोर्ट में ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई तरीके सामने आए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़े घोटाले सबसे अधिक रिपोर्ट किए गए। इसके अलावा इनाम, लॉटरी, विरासत और नौकरी के नाम पर भी लोगों को ठगा गया।

  • ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम: ठगी के कुल मामलों में 33 प्रतिशत ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़े थे।
  • इनाम और लॉटरी का झांसा: 31 प्रतिशत मामले पुरस्कार, लॉटरी और विरासत से जुड़े घोटालों के थे।
  • नौकरी और कमाई का लालच: 30 प्रतिशत मामलों में नौकरी या कमाई का झांसा देकर धोखाधड़ी की गई।
  • फर्जी QR कोड और पेमेंट लिंक: 27 प्रतिशत मामलों में QR कोड या भुगतान लिंक का इस्तेमाल किया गया।

इन तरीकों के जरिए साइबर अपराधी लोगों को भुगतान करने, निजी जानकारी साझा करने या फर्जी वेबसाइट पर जाने के लिए प्रेरित करते हैं।

मैसेजिंग ऐप और सोशल मीडिया बने ठगों के बड़े माध्यम

साइबर अपराधी लोगों तक पहुंचने के लिए मैसेजिंग ऐप, सोशल मीडिया और ईमेल जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मैसेजिंग ऐप के जरिए सबसे अधिक लोगों को निशाना बनाया गया।

  • 42 प्रतिशत मामलों में मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल हुआ।
  • 37 प्रतिशत मामले सोशल मीडिया से जुड़े थे।
  • 33 प्रतिशत मामलों में ईमेल के जरिए ठगी की गई।

इसलिए अनजान नंबर से आने वाले संदेशों, संदिग्ध लिंक, फर्जी प्रोफाइल और अचानक मिलने वाले आकर्षक ऑफर पर भरोसा करने से पहले उनकी जांच करना जरूरी है।

AI और डीपफेक के जरिए भी लोगों को बनाया जा रहा निशाना

ऑनलाइन धोखाधड़ी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल भी चिंता का विषय बन रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 89 प्रतिशत भारतीय उपभोक्ताओं ने घोटालों में AI के इस्तेमाल को देखा या पहचाना। इनमें नकली तस्वीरें, AI से तैयार संदेश और वास्तविक लोगों जैसे दिखने वाले डीपफेक वीडियो शामिल हैं।

रिपोर्ट में सामने आए आंकड़ों के अनुसार:

  • 48 प्रतिशत लोगों ने AI से तैयार किए गए संदेश और नकली तस्वीरें पहचानीं।
  • 42 प्रतिशत लोगों ने वास्तविक व्यक्तियों के डीपफेक वीडियो देखे।

ऐसे मामलों में किसी परिचित की आवाज या वीडियो देखकर तुरंत भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। पैसे भेजने या संवेदनशील जानकारी साझा करने से पहले संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे विश्वसनीय माध्यम के जरिए पुष्टि करना बेहतर है।

ऑनलाइन ठगी होने पर कहां शिकायत करते हैं लोग?

रिपोर्ट के अनुसार, धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद लोग पुलिस, बैंक और संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म से मदद मांगते हैं। पीड़ितों की ओर से अपनाए गए शिकायत के प्रमुख माध्यम इस प्रकार हैं:

  • 49 प्रतिशत पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क किया।
  • 41 प्रतिशत लोगों ने अपने बैंक या ई-वॉलेट सेवा प्रदाता को जानकारी दी।
  • 40 प्रतिशत लोगों ने उस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिकायत की, जहां ठगी हुई थी।
  • 36 प्रतिशत पीड़ितों ने अपने मोबाइल या इंटरनेट सेवा प्रदाता से संपर्क किया।

ऑनलाइन ठगी होने पर जल्द से जल्द अपने बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता को सूचना दें। भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल किया जा सकता है। शिकायत आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी दर्ज की जा सकती है।

कितने पीड़ितों को वापस मिला ठगी का पैसा?

ऑनलाइन धोखाधड़ी में पैसा गंवाने वाले लोगों के लिए रकम वापस पाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 22 प्रतिशत मामलों का पूरी तरह समाधान हुआ और पीड़ितों को पैसा वापस मिला। वहीं, 17 प्रतिशत मामलों में आंशिक समाधान हुआ और कुछ रकम बरामद की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मिलाकर केवल 33 प्रतिशत पीड़ितों को कुछ या पूरी रकम वापस मिल सकी, जबकि 67 प्रतिशत लोगों को कोई पैसा वापस नहीं मिला। ये आंकड़े बताते हैं कि ठगी होने के बाद रकम वापस पाने की कोई गारंटी नहीं होती, इसलिए समय रहते सावधानी बरतना और घटना के तुरंत बाद शिकायत करना महत्वपूर्ण है।

साइबर ठगी से बचने के लिए किन बातों का रखें ध्यान?

ऑनलाइन भुगतान करते समय किसी अनजान व्यक्ति के भेजे लिंक पर क्लिक करने से बचें। इनाम या लॉटरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें और नौकरी दिलाने के बदले अग्रिम भुगतान मांगने वाले प्रस्तावों की जांच करें। QR कोड स्कैन करने या पेमेंट लिंक खोलने से पहले यह समझ लें कि आप भुगतान कर रहे हैं या रकम प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं। किसी के साथ OTP, PIN या बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें।

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