इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय हम बैंकिंग, सोशल मीडिया, शॉपिंग और दूसरी वेबसाइटों पर लगातार लॉगिन करते हैं। यूजर की पहचान याद रखने और वेबसाइट की अलग-अलग सुविधाओं को मैनेज करने के लिए Web Cookies का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर माना जाता है कि वेबसाइट से Logout करते ही अकाउंट और उससे जुड़ा डेटा पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता।
कुछ Cookies Logout के बाद भी ब्राउजर में मौजूद रह सकती हैं। खासतौर पर Persistent Cookies को वेबसाइट द्वारा तय की गई Expiration Date तक स्टोर किया जा सकता है। यही वजह है कि Cookies की अवधि और उनका इस्तेमाल Privacy और Security के लिहाज से महत्वपूर्ण हो जाता है।
क्या होती हैं Web Cookies?
Web Cookies छोटी-छोटी Data Files होती हैं, जिन्हें वेबसाइट आपके ब्राउजर में स्टोर करती है। इनका इस्तेमाल वेबसाइट को आपकी पहचान याद रखने, आपकी पसंद और सेटिंग्स सेव करने, Shopping Cart को बनाए रखने और Login Session को मैनेज करने जैसे कामों के लिए किया जाता है।
हालांकि सभी Cookies एक जैसी नहीं होतीं। कुछ Session Cookies होती हैं, जो आमतौर पर ब्राउजर सेशन खत्म होने पर हट सकती हैं। वहीं Persistent Cookies को एक निर्धारित समय तक ब्राउजर में रखा जा सकता है।
क्या Cookies सालों तक Browser में रह सकती हैं?
किसी Cookie की लाइफ इस बात पर निर्भर करती है कि वेबसाइट ने उसे कितने समय के लिए सेट किया है। अगर Cookie की Expiration Date काफी आगे की रखी गई है, तो वह लंबे समय तक ब्राउजर में मौजूद रह सकती है।
हालांकि Authentication या Session से जुड़ी संवेदनशील Cookies को सुरक्षित वेबसाइटें आमतौर पर सीमित अवधि के लिए रखती हैं और सुरक्षा कारणों से उन्हें समय-समय पर समाप्त भी किया जा सकता है। दूसरी ओर, पहचान या Tracking से जुड़ी कुछ Persistent Cookies लंबे समय तक मौजूद रह सकती हैं।
सिर्फ Logout करने से खतरा पूरी तरह खत्म क्यों नहीं होता?
किसी वेबसाइट से Logout करने पर आमतौर पर मौजूदा Login Session को खत्म किया जाता है। लेकिन इसका यह मतलब जरूरी नहीं है कि ब्राउजर में मौजूद हर Cookie तुरंत Delete हो जाए। कुछ Cookies सिर्फ आपकी Preferences या वेबसाइट पर आपकी पहचान से जुड़ी जानकारी याद रखने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
सबसे गंभीर स्थिति तब हो सकती है, जब किसी हमलावर के हाथ कोई वैध Authentication Token लग जाए और वह अभी भी सर्वर पर मान्य हो। हालांकि अच्छी तरह सुरक्षित वेबसाइटें Logout के समय सर्वर पर Session Token को Invalidate कर देती हैं, जिससे चोरी हुए पुराने Token के इस्तेमाल का जोखिम कम हो जाता है।
Personal Data का असली खतरा कब बढ़ता है?
Cookies से जुड़ा खतरा खास तौर पर तब बढ़ सकता है, जब किसी दूसरे व्यक्ति को आपके डिवाइस या ब्राउजर तक पहुंच मिल जाए या कोई Malware/Suspicious Software ब्राउजर डेटा तक पहुंच हासिल कर ले।
Public या Shared Computer पर Login करना इसलिए जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे डिवाइस पर ब्राउजर में मौजूद Cookies, Site Data और अन्य जानकारी आपकी Privacy को प्रभावित कर सकती है। इसलिए संवेदनशील अकाउंट को पब्लिक कंप्यूटर पर इस्तेमाल करने के बाद केवल ब्राउजर बंद करने के बजाय Logout करना जरूरी है।
Cookies और Online Accounts को कैसे रखें Secure?
अपनी Privacy और Online Security मजबूत रखने के लिए समय-समय पर ब्राउजर की Cookies और Site Data को Review करके जरूरत के अनुसार Clear करें। संवेदनशील वेबसाइटों का इस्तेमाल करने के बाद हमेशा Logout करें और Public या Shared Computer पर Password Save करने से बचें।
इसके अलावा Browser और Operating System को हमेशा Updated रखना जरूरी है, क्योंकि Security Updates कई तरह की कमजोरियों को ठीक करते हैं। महत्वपूर्ण अकाउंट्स में Two-Factor Authentication (2FA) या Passkeys जैसे Security Features भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
अगर किसी ऑनलाइन अकाउंट में Log out of all devices या Sign out everywhere का विकल्प मौजूद है, तो संदिग्ध गतिविधि या किसी अनजान डिवाइस पर Login की स्थिति में इसका इस्तेमाल करना उपयोगी हो सकता है। ध्यान रखें कि Cookie का ब्राउजर में मौजूद होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि आपका अकाउंट असुरक्षित है; असली जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि Cookie किस प्रकार की है, उसमें क्या जानकारी है और वेबसाइट उसे किस तरह इस्तेमाल करती है।
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