Sonia Gandhi Book: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी अपनी जिंदगी और राजनीतिक सफर से जुड़े कई महत्वपूर्ण अनुभवों को किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ के जरिए सामने रखने जा रही हैं। अल्फ्रेड ए. नोपफ के अनुसार, यह संस्मरण 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगा। किताब में इटली में उनके बचपन, भारत आने, राजीव गांधी से मुलाकात, गांधी परिवार के साथ जीवन, व्यक्तिगत त्रासदियों और उनके राजनीतिक सफर को जगह दी गई है।
Cambridge में हुई थी Rajiv Gandhi से पहली मुलाकात
Sonia Gandhi Book की कहानी 1965 के Cambridge से शुरू होती है। उस समय सोनिया माइनो इंग्लैंड में पढ़ाई कर रही थीं। यहीं उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई, जो आगे चलकर उनके जीवनसाथी बने। यह रिश्ता धीरे-धीरे प्रेम और फिर विवाह में बदल गया।
भारत आने के बाद सोनिया गांधी ने भारतीय समाज और संस्कृति को अपनाने की अपनी यात्रा को भी किताब में जगह दी है। उनके लिए भारत सिर्फ उनके पति का देश नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे उनका अपना घर और पहचान का हिस्सा बन गया।
इंदिरा गांधी और गांधी परिवार के कठिन दौर की कहानी
‘Belonging: A Journey of Love’ में सोनिया गांधी ने गांधी परिवार के साथ अपने निजी अनुभवों और परिवार पर आए मुश्किल दौर को भी याद किया है। इंदिरा गांधी की 1984 में हत्या और इससे पहले संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत जैसी घटनाओं ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था।
राजीव गांधी शुरू में राजनीति में आने को लेकर अनिच्छुक थे, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में आने के लिए मजबूर किया। बाद में वह देश के प्रधानमंत्री बने।
Rajiv Gandhi की हत्या ने बदल दी सोनिया गांधी की जिंदगी
सोनिया गांधी के जीवन का सबसे बड़ा व्यक्तिगत आघात 1991 में राजीव गांधी की हत्या थी। तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की जान चली गई।
किताब में सोनिया गांधी ने इस त्रासदी और उसके बाद अपने जीवन में आए बदलावों पर व्यक्तिगत दृष्टिकोण से बात की है। राजीव गांधी की हत्या के बाद उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी।
फिर राजनीति में हुई वापसी
राजीव गांधी की मृत्यु के कई वर्षों बाद सोनिया गांधी सक्रिय राजनीति में आईं। उन्होंने कांग्रेस का नेतृत्व संभाला और लंबे समय तक पार्टी अध्यक्ष रहीं। उनके राजनीतिक सफर में कांग्रेस को दोबारा सत्ता तक पहुंचाने की कोशिशों से लेकर गठबंधन राजनीति और केंद्र की सरकार में पार्टी की भूमिका तक कई महत्वपूर्ण पड़ाव शामिल रहे।
किताब में सोनिया गांधी ने सार्वजनिक जीवन के दबाव और निजी जीवन पर राजनीति के प्रभाव को भी अपने नजरिए से देखने की कोशिश की है। प्रकाशक के मुताबिक, यह संस्मरण उनके परिवार के मानवीय पक्ष और पिछले छह दशकों में भारत में आए सामाजिक-राजनीतिक बदलावों पर भी केंद्रित है।
2004 में क्यों ठुकराया था PM पद?
सोनिया गांधी के राजनीतिक जीवन का सबसे चर्चित फैसला 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार न करना था। लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को सरकार बनाने का मौका मिला था। सोनिया गांधी प्रधानमंत्री पद की प्रमुख दावेदार थीं, लेकिन उन्होंने यह पद स्वीकार नहीं किया।
इसके बाद डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने और यूपीए सरकार का नेतृत्व किया। सोनिया गांधी की किताब में इस फैसले से जुड़े उनके अनुभवों और उस दौर की परिस्थितियों को भी जगह मिलने की उम्मीद है।
‘Belonging’ में निजी और राजनीतिक जीवन का मेल
Sonia Gandhi Book ‘Belonging: A Journey of Love’ सिर्फ एक राजनीतिक संस्मरण नहीं है। इसमें सोनिया गांधी अपने व्यक्तिगत रिश्तों, परिवार में हुए दुखद घटनाक्रम और भारत से अपने जुड़ाव को भी सामने रखती हैं।
किताब के जरिए वह अपने जीवन को उस महिला के नजरिए से देखने का प्रयास करती हैं, जो इटली में जन्मी, Cambridge में राजीव गांधी से मिली, भारत आई और बाद में देश की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों में शामिल हुई। उनके अनुसार, यह किताब उनके परिवार की मानवीय कहानी के साथ-साथ उस भारत की यात्रा भी है जिसे उन्होंने लगभग छह दशकों तक बदलते हुए देखा है।
Sonia Gandhi Book ‘Belonging’ का प्रकाशन 10 नवंबर 2026 को होगा और इसके साथ सोनिया गांधी के निजी जीवन और राजनीतिक सफर से जुड़े कई अनुभव पहली बार उनके अपने नजरिए से पाठकों के सामने आएंगे।
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