आज के डिजिटल दौर में Cyber Attack सिर्फ बड़ी कंपनियों और सरकारी संस्थानों के लिए खतरा नहीं रह गया है। आम इंटरनेट यूजर्स भी Phishing, Malware, Ransomware, Account Hacking और Online Fraud जैसी साइबर घटनाओं का शिकार हो सकते हैं। अगर आपको लगता है कि आपका फोन, कंप्यूटर या कोई ऑनलाइन अकाउंट साइबर हमले की चपेट में आ गया है, तो घबराने के बजाय कुछ जरूरी कदम तुरंत उठाना चाहिए।
सबसे पहले डिवाइस को Internet से करें Disconnect
Cyber Attack का संदेह होने पर सबसे पहला कदम प्रभावित डिवाइस को इंटरनेट से अलग करना होना चाहिए। कंप्यूटर में Wi-Fi बंद करें और अगर Ethernet Cable लगी है तो उसे निकाल दें। वहीं, स्मार्टफोन में Mobile Data को भी ऑफ कर देना चाहिए।
डिवाइस को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करने से हमलावर के साथ कनेक्शन टूट सकता है और Malware को आगे फैलने या डिवाइस से डेटा बाहर भेजने से रोकने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, अगर किसी Cybersecurity Expert या जांच एजेंसी ने डिवाइस को चालू रखने की सलाह दी है, तो उनकी बताई प्रक्रिया का पालन करना बेहतर होगा।
संदिग्ध Link और Unknown File को दोबारा न खोलें
अगर साइबर हमले का शक किसी Email, SMS, WhatsApp Message या संदिग्ध Website के जरिए हुआ है तो उस Link पर दोबारा क्लिक करने से बचें। इसी तरह अगर कोई Unknown File डाउनलोड हुई है तो उसे बिल्कुल ओपन न करें।
कई मामलों में किसी संदिग्ध लिंक या फाइल को दोबारा खोलने से Malware फिर से एक्टिव हो सकता है। इसलिए ऐसी सामग्री को बिना जांचे खोलना स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
Account Hack होने का शक है तो तुरंत Password बदलें
अगर आपको लगता है कि आपका कोई Online Account Hack हो गया है तो किसी सुरक्षित और भरोसेमंद डिवाइस से उसका Password बदलना चाहिए। सबसे पहले Email, Banking, Social Media और Cloud Storage जैसे महत्वपूर्ण अकाउंट्स को सुरक्षित करना जरूरी है।
हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत Password रखना बेहतर सुरक्षा उपाय माना जाता है। इससे एक अकाउंट का पासवर्ड लीक होने की स्थिति में दूसरे अकाउंट्स पर खतरा कम हो सकता है।
Two-Factor Authentication यानी 2FA जरूर रखें On
जहां भी सुविधा उपलब्ध हो, वहां Two-Factor Authentication यानी 2FA को एक्टिव रखना चाहिए। इससे केवल Password चोरी हो जाने की स्थिति में भी अकाउंट पर सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत बनी रहती है।
अगर साइबर हमले के दौरान Banking Details, Card Information या UPI से संबंधित जानकारी लीक होने का संदेह है, तो बिना देरी किए संबंधित Bank से संपर्क करें और जरूरी सुरक्षा कदम उठाएं।
सबूत Delete करने की गलती न करें
साइबर हमला होने के बाद कई लोग संदिग्ध Messages, Emails या Files तुरंत डिलीट कर देते हैं। ऐसा करने से पहले घटना से जुड़े जरूरी सबूत सुरक्षित कर लेना चाहिए।
Screenshots, Email Headers, Transaction Details, फोन नंबर और संदिग्ध Links जैसी जानकारी को सुरक्षित रखें। साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करते समय ये विवरण जांच में उपयोगी हो सकते हैं।
Bank और Service Provider को तुरंत दें जानकारी
अगर Cyber Attack के कारण पैसे की ठगी, Account Hacking या Personal Information चोरी होने जैसी घटना हुई है तो संबंधित Bank या Service Provider को तुरंत इसकी जानकारी दें। समय पर सूचना देने से संभावित नुकसान को कम करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जा सकती है।
भारत में Cybercrime की शिकायत के लिए 1930 टोल-फ्री हेल्पलाइन उपलब्ध है। साइबर फ्रॉड या अन्य साइबर अपराध का शिकार होने पर घटना की जानकारी जल्द से जल्द संबंधित माध्यम से देना महत्वपूर्ण है।
Cyber Attack से बचने के लिए रखें ये सावधानियां
साइबर हमले के बाद उठाए गए तत्काल कदम नुकसान को सीमित करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इससे भी बेहतर है कि पहले से सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं। मजबूत और अलग-अलग Password इस्तेमाल करें, 2FA को ऑन रखें और अनजान Links, Files तथा संदिग्ध Messages से सावधान रहें।
किसी भी अनजान स्रोत से आई File को डाउनलोड या ओपन करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें। इसी तरह Banking और UPI से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध Website के साथ शेयर करने से बचना चाहिए।
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