Gift Tax Rules: शादी के बाद माता-पिता अपनी बेटी को प्यार और आशीर्वाद के तौर पर नकद पैसे, ज्वैलरी, प्रॉपर्टी या दूसरी कीमती संपत्तियां गिफ्ट करते हैं। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि अगर गिफ्ट की कीमत लाखों रुपये में है तो क्या बेटी को उस पर Income Tax देना होगा? आयकर नियमों में रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट के लिए विशेष प्रावधान हैं, जिसके कारण हर गिफ्ट पर टैक्स लगना जरूरी नहीं है।
माता-पिता से मिले गिफ्ट के मामले में गिफ्ट की रकम के साथ-साथ उससे आगे होने वाली कमाई को समझना भी जरूरी है। क्योंकि गिफ्ट खुद टैक्स के दायरे से बाहर हो सकता है, लेकिन उस संपत्ति या रकम से होने वाली आय पर टैक्स देनदारी बन सकती है।
क्या माता-पिता से मिला गिफ्ट पूरी तरह Tax Free है?
आयकर नियमों के तहत माता-पिता को करीबी रिश्तेदार की श्रेणी में रखा जाता है। इसलिए माता-पिता की ओर से बेटी को दिया गया पैसा, प्रॉपर्टी, ज्वैलरी या दूसरी संपत्तियां सामान्य परिस्थितियों में गिफ्ट के रूप में टैक्स के दायरे में नहीं आतीं।
माता-पिता से मिले गिफ्ट पर सामान्य तौर पर टैक्स नहीं लगता और ऐसे गिफ्ट के लिए 50,000 रुपये वाली सामान्य सीमा लागू नहीं होती। यानी शादी के अवसर पर माता-पिता अपनी बेटी को नकद रकम के अलावा ज्वैलरी या प्रॉपर्टी जैसी मूल्यवान संपत्ति भी दे सकते हैं।
हालांकि, बड़ी रकम या संपत्ति का गिफ्ट मिलने पर उससे जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड संभालकर रखना महत्वपूर्ण है। इससे भविष्य में गिफ्ट के स्रोत और लेन-देन को साबित करने में मदद मिल सकती है।
दूसरे रिश्तेदारों या गैर-रिश्तेदार से मिले Gift का क्या नियम है?
माता-पिता के अलावा दूसरे लोगों से मिले गिफ्ट पर आयकर के नियम रिश्ते और गिफ्ट की प्रकृति के आधार पर अलग हो सकते हैं। कुछ करीबी रिश्तेदारों से प्राप्त गिफ्ट टैक्स के दायरे से बाहर हो सकते हैं, जबकि गैर-रिश्तेदार से मिले गिफ्ट पर अलग नियम लागू होते हैं।
नकद, अचल संपत्ति, ज्वैलरी और दूसरी संपत्तियों के लिए भी टैक्स नियम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी बड़े मूल्य के गिफ्ट को स्वीकार करने से पहले उसके टैक्स प्रभाव को समझना जरूरी है।
Gift मिलने के बाद कब देना पड़ सकता है Tax?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि माता-पिता से गिफ्ट मिलने पर टैक्स नहीं लगने का अर्थ यह नहीं है कि उस गिफ्ट से आगे होने वाली कमाई भी हमेशा टैक्स फ्री रहेगी।
उदाहरण के लिए, अगर बेटी को माता-पिता से नकद रकम गिफ्ट में मिलती है और वह रकम FD यानी Fixed Deposit में निवेश कर दी जाती है, तो FD से मिलने वाला ब्याज आयकर के लागू नियमों के अनुसार टैक्स के दायरे में आ सकता है।
इसी तरह अगर गिफ्ट में मिली प्रॉपर्टी से किराये की आमदनी होती है या गिफ्ट की गई रकम को किसी ऐसे निवेश में लगाया जाता है जिससे आय होती है, तो उस आय पर लागू टैक्स नियमों के अनुसार कर देनदारी बन सकती है।
Gift लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
बड़ी रकम, प्रॉपर्टी या महंगी ज्वैलरी गिफ्ट में मिलने पर उसके दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए। गिफ्ट से संबंधित कागजात भविष्य में आयकर विभाग के किसी सवाल की स्थिति में उपयोगी हो सकते हैं।
नकद लेन-देन की जगह बैंकिंग माध्यम का इस्तेमाल करना बेहतर है, खासकर जब गिफ्ट की रकम बड़ी हो। साथ ही, गिफ्ट से आगे होने वाली आय का भी सही रिकॉर्ड रखना चाहिए।
अगर गिफ्ट में मिले पैसे से FD की जाती है, प्रॉपर्टी किराये पर दी जाती है या किसी निवेश से आमदनी होती है, तो उस आय की जानकारी ITR में लागू नियमों के अनुसार देनी चाहिए। इस तरह गिफ्ट की रकम और उससे होने वाली आय के बीच अंतर को समझकर टैक्स से जुड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।
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