VPN New Rule India: भारत में VPN (Virtual Private Network) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार VPN सेवाओं को लेकर नए नियम तैयार कर रही है। यदि ये नियम लागू होते हैं, तो VPN कंपनियों को भारत में अपनी मौजूदगी सुनिश्चित करनी होगी और सरकारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य हो सकता है। इस कदम का उद्देश्य ऑनलाइन गतिविधियों पर बेहतर निगरानी और कानूनों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
VPN को लेकर नए नियम बनाने की तैयारी क्यों?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का मानना है कि वर्ष 2022 में भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) द्वारा जारी किए गए नियम अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके। उस समय VPN कंपनियों को अपने ग्राहकों से संबंधित कुछ जानकारी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इससे VPN सेवाओं के उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं हो पाया।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में बड़ी संख्या में लोग VPN का उपयोग उन वेबसाइटों, ऐप्स और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंचने के लिए कर रहे हैं, जिन पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। इसी वजह से अब नियमों को और अधिक सख्त बनाने पर विचार किया जा रहा है।
VPN कैसे काम करता है?
VPN यानी Virtual Private Network यूजर के वास्तविक IP Address को छिपाकर इंटरनेट ट्रैफिक को दूसरे देशों में मौजूद सर्वर के जरिए रूट करता है। इससे यूजर की ऑनलाइन पहचान सुरक्षित रहती है और इंटरनेट पर उसकी गतिविधियों को ट्रैक करना कठिन हो जाता है। इसी तकनीक की मदद से कई यूजर्स ऐसे कंटेंट, वेबसाइट या ऐप्स तक भी पहुंच जाते हैं, जिन पर किसी देश या क्षेत्र में प्रतिबंध लगाया गया होता है।
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नए नियम लागू होने पर क्या बदल सकता है?
रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित नियम लागू होने के बाद VPN कंपनियों को भारत में अपना कार्यालय स्थापित करना पड़ सकता है। इसके साथ ही उन्हें देश में एक स्थानीय अधिकारी की नियुक्ति भी करनी होगी, जो सरकार की ओर से भेजे गए निर्देशों, शिकायतों और कानूनी अनुरोधों का समय पर जवाब देने के लिए जिम्मेदार होगा। माना जा रहा है कि इससे सरकार और VPN सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
नियमों का पालन नहीं करने पर क्या होगा?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार केवल नए नियम बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी तैयार किया जा रहा है। यदि कोई VPN कंपनी सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करती है, तो भारत में नियुक्त उसके अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे मामलों में जुर्माना लगाने के साथ-साथ जेल की सजा जैसे प्रावधान भी शामिल हो सकते हैं।
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