Puri Rath Yatra 2026: पुरी रथ यात्रा 2026 से पहले श्रद्धालुओं को होटल बुकिंग के नाम पर ठगने वाले बड़े साइबर नेटवर्क का खुलासा हुआ है। ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) ने ऐसी 46 फर्जी वेबसाइटों को ब्लॉक किया है, जो 16 जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक रथ यात्रा के दौरान पुरी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को होटल बुकिंग एवं अन्य सुविधाओं का झांसा देकर ठगी कर रही थीं।
शिकायतों के बाद साइबर सेल ने शुरू की कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, ऑनलाइन होटल बुकिंग के दौरान ठगी का शिकार हुए लोगों की कई शिकायतें मिलने के बाद अपराध शाखा के साइबर प्रकोष्ठ ने जांच शुरू की।
इसी दौरान पुरी के एक पुलिस थाने में राजस्थान के एक पर्यटक ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, उन्होंने एक वेबसाइट के माध्यम से अपने परिवार के लिए तीन होटल कमरे बुक किए थे, लेकिन होटल पहुंचने पर पता चला कि उनके नाम से कोई बुकिंग दर्ज ही नहीं थी।
पिछले एक सप्ताह में 46 फर्जी वेबसाइटें की गईं ब्लॉक
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केवल पिछले एक सप्ताह के दौरान साइबर विशेषज्ञों ने पर्यटकों को निशाना बनाने वाली 46 फर्जी वेबसाइटों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कराया है।
अधिकारी ने कहा, ‘सिर्फ पिछले हफ्ते ही, अपराध शाखा के साइबर विशेषज्ञों ने पर्यटकों को ठगने वाली 46 फर्जी वेबसाइटों का पता लगाया. सबसे ज्यादा-11 वेबसाइट – 27 जून को ब्लॉक की गईं, जबकि 20 जून और 22 जून के बीच ऐसे 15 पोर्टल को बंद किया गया.’
उन्होंने आगे कहा, ‘हम रथ यात्रा के दौरान पुरी आने वाले पर्यटकों को निशाना बनाने वाली नकली होटल बुकिंग वेबसाइटों की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं.’
नकली वेबसाइट बनाकर श्रद्धालुओं से वसूला जाता था एडवांस
जांच में सामने आया है कि साइबर ठग रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाने के लिए होटल बुकिंग के नाम पर फर्जी पोर्टल तैयार कर रहे थे।
अधिकारी के अनुसार, ‘उन्होंने कमरे का आकर्षक किराया, वीआईपी दर्शन और दूसरी सेवाओं की पेशकश करने वाले नकली पोर्टल बनाए हैं और मासूम श्रद्धालुओं से अग्रिम भुगतान की मांग कर रहे हैं.’
पुलिस ने बताया कि आरोपी अक्सर प्रतिष्ठित होटलों की वेबसाइट की हूबहू कॉपी (Clone Website) तैयार करते थे या फिर ऐसे मिलते-जुलते डोमेन बनाते थे, जो ऑनलाइन सर्च रिजल्ट में आसानी से दिखाई दें और लोगों को असली वेबसाइट का भ्रम हो।
एक साल में करीब 30 पर्यटक हुए ठगी का शिकार
अपराध शाखा के सूत्रों के अनुसार, पिछले एक वर्ष के दौरान ओडिशा में ऑनलाइन होटल बुकिंग से जुड़े ऐसे साइबर फ्रॉड में लगभग 30 पर्यटक ठगी का शिकार हुए हैं। इन मामलों में लोगों को कुल मिलाकर करीब 5 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि होटल बुकिंग केवल अधिकृत और विश्वसनीय वेबसाइटों के माध्यम से ही करें तथा किसी भी अनजान वेबसाइट पर अग्रिम भुगतान करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल जरूर करें।
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