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Jonnagiri Gold Mine: भारत की पहली घरेलू Gold Biscuit की एंट्री, जानिए 500 ग्राम बिस्कुट की कीमत और खासियत

Jonnagiri Gold Mine: भारत में पहली बार घरेलू स्तर पर निकाला गया सोना अब बाजार तक पहुंच गया है। आंध्र प्रदेश की जोनागिरी (स्वर्णगिरि) गोल्ड माइन से तैयार पहला 24 कैरेट गोल्ड बिस्कुट बिक्री के लिए उपलब्ध हो गया है। हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसका औपचारिक लॉन्च किया था। इसे देश में गोल्ड माइनिंग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि अब तक भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता रहा है।

फिलहाल कहां मिल रहा है यह गोल्ड बिस्कुट?

जोनागिरी गोल्ड माइन से तैयार किए गए 24 कैरेट गोल्ड बिस्कुट फिलहाल आंध्र प्रदेश के कुरनूल स्थित वेंकटचलपति सर्राफा बाजार की चुनिंदा ज्वेलरी दुकानों पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। बाजार में आते ही इनकी अच्छी मांग देखने को मिली है और छोटे वजन वाले कई गोल्ड बिस्कुट शुरुआती दिनों में ही बिक चुके हैं।

कितनी है 24 कैरेट गोल्ड बिस्कुट की कीमत?

इस गोल्ड बिस्कुट को 50 ग्राम, 100 ग्राम और 500 ग्राम के तीन अलग-अलग वजन में लॉन्च किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा 500 ग्राम के 24 कैरेट (999 प्योरिटी) गोल्ड बिस्कुट की हो रही है।

मौजूदा बाजार भाव के अनुसार इसकी कीमत 75 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। वहीं 50 ग्राम और 100 ग्राम के गोल्ड बिस्कुट भी उस समय के प्रचलित बाजार भाव के अनुसार बेचे जा रहे हैं।

क्या है इस गोल्ड बिस्कुट की खासियत?

जोनागिरी गोल्ड बिस्कुट 24 कैरेट यानी 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोने से तैयार किया गया है। इस पर “Jonnagiri Gold Mine” अंकित है, जबकि 500 ग्राम वाले संस्करण पर आंध्र प्रदेश का नक्शा भी उकेरा गया है।

इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सोने का खनन, प्रोसेसिंग और तैयार उत्पाद पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। इसे देश में घरेलू गोल्ड प्रोडक्शन की नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

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क्यों खास है जोनागिरी गोल्ड माइन?

जोनागिरी गोल्ड माइन को भारत के निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी गोल्ड माइनिंग परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। शुरुआती चरण में इस परियोजना से हर वर्ष सैकड़ों किलोग्राम सोने का उत्पादन होने की उम्मीद है। भविष्य में इसे बढ़ाकर करीब 900 किलोग्राम प्रति वर्ष तक ले जाने की योजना बनाई गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से देश की आयातित सोने पर निर्भरता धीरे-धीरे कम करने में मदद मिल सकती है।

क्या भारतीय सोना खरीदना होगा सस्ता?

हालांकि सोने का उत्पादन अब भारत में हो रहा है, लेकिन फिलहाल ग्राहकों को कीमत में किसी विशेष राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसका कारण यह है कि इस गोल्ड बिस्कुट पर भी अन्य सोने के उत्पादों की तरह समान टैक्स और GST लागू हैं। इसलिए इसकी बिक्री मौजूदा बाजार दरों के अनुसार ही की जा रही है।

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