Mobile Emergency Alert: देशभर के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। मोबाइल फोन पर आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों की जानकारी देने वाली सेल ब्रॉडकास्ट आधारित इमरजेंसी अलर्ट सेवा को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की ओर से राज्यों को भेजी गई एडवाइजरी के बाद इस सेवा के उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
NDMA की एडवाइजरी के बाद लिया गया फैसला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विभिन्न राज्यों को भेजे गए निर्देशों में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का इस्तेमाल फिलहाल रोकने को कहा गया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि उन्हें NDMA की ओर से इस सेवा को बंद रखने संबंधी पत्र प्राप्त हुआ है।
हालांकि, इस फैसले के पीछे की सटीक वजह अभी तक आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है। संकेत मिले हैं कि संबंधित एजेंसियां तकनीकी और परिचालन स्तर पर सिस्टम की समीक्षा कर रही हैं। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम?
सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम एक अत्याधुनिक पब्लिक वार्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं को एक साथ आपातकालीन संदेश भेजे जा सकते हैं।
इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होती। मोबाइल नेटवर्क पर अधिक दबाव होने या सामान्य संचार सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में भी यह सिस्टम प्रभावी रूप से कार्य करता है। प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़, भूकंप, चक्रवात और अन्य आपात स्थितियों में लोगों तक तत्काल चेतावनी पहुंचाने के लिए इसे बेहद उपयोगी माना जाता है।
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अलर्ट आने पर मोबाइल स्क्रीन पर एक पॉप-अप नोटिफिकेशन दिखाई देता है, जिसके साथ तेज ध्वनि भी सुनाई देती है। कई स्मार्टफोन में यह संदेश ऑडियो के माध्यम से पढ़कर भी सुनाया जाता है।
मई 2026 में हुई थी देशव्यापी शुरुआत
इस सेवा की शुरुआत हाल ही में मई 2026 में की गई थी। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे देशभर में लॉन्च करते हुए इसे भारत के आपदा प्रबंधन तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
लॉन्च के दौरान उन्होंने कहा था कि यह पहल देश को केवल आपदा के बाद प्रतिक्रिया देने वाले मॉडल से आगे बढ़ाकर सक्रिय और पूर्व चेतावनी आधारित प्रणाली की दिशा में ले जाएगी।
इस तकनीक को दूरसंचार विभाग के अंतर्गत कार्यरत C-DOT (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स) ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। इसके विकास और क्रियान्वयन में NDMA तथा गृह मंत्रालय ने भी सहयोग किया है।
कब फिर शुरू होगी सेवा?
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह बंदी स्थायी नहीं है। फिलहाल सिस्टम की तकनीकी और परिचालन समीक्षा जारी है। जैसे ही समीक्षा पूरी होगी और NDMA की ओर से नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, सेवा को दोबारा शुरू किया जा सकता है।
हालांकि अभी तक इसकी बहाली की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है, इसलिए मोबाइल यूजर्स को फिलहाल इस सुविधा के लिए इंतजार करना होगा।
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