Sunday, February 15, 2026
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CNAP Vs Truecaller: सरकारी कॉलर आईडी से क्या खत्म हो जाएगा Truecaller का राज? जानिए दोनों में कौन है कितना दमदार

CNAP Vs Truecaller: भारत में टेलीकॉम सेक्टर में एक बड़ा बदलाव हो रहा है। TRAI (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) ने CNAP (Caller Name Presentation) को धीरे-धीरे लागू करना शुरू कर दिया है। इसके बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब Truecaller जैसे ऐप्स की छुट्टी हो जाएगी?

हकीकत यह है कि दोनों की कार्यप्रणाली और उद्देश्य अलग-अलग हैं। आइए समझते हैं कि सरकारी CNAP और प्राइवेट Truecaller में क्या अंतर है और आपके लिए क्या बेहतर है।

क्या है CNAP (सरकारी कॉलर आईडी)?

CNAP का मतलब है ‘कॉलर नेम प्रेजेंटेशन’। यह एक नेटवर्क-आधारित सुविधा है।

  • कैसे काम करता है: जब आपके पास कोई कॉल आएगी, तो नेटवर्क खुद सिम लेते समय दिए गए KYC दस्तावेजों (जैसे आधार कार्ड) में दर्ज नाम को आपकी स्क्रीन पर दिखाएगा।
  • सबसे बड़ी खूबी: इसके लिए आपको न कोई ऐप डाउनलोड करना है और न ही इंटरनेट की जरूरत है।
  • नेटवर्क: फिलहाल इसे 4G और 5G नेटवर्क पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
  • प्राइवेसी: अगर आप अपना नाम नहीं दिखाना चाहते, तो CLIR (Calling Line Identification Restriction) सेटिंग के जरिए इसे बंद करने का विकल्प भी मिलेगा।

Truecaller: अभी भी क्यों है लोकप्रिय?

Truecaller एक थर्ड-पार्टी ऐप है जो क्राउडसोर्सिंग (आम जनता से मिले डेटा) पर काम करता है।

  • स्पैम डिटेक्शन: Truecaller की सबसे बड़ी ताकत ‘नाम’ बताना नहीं, बल्कि स्पैम और फ्रॉड कॉल को पहचानना और ब्लॉक करना है।
  • एक्स्ट्रा फीचर्स: यह कॉल का कारण, बिजनेस डायरेक्टरी, लोगो और वॉट्सऐप इंटीग्रेशन जैसी सुविधाएं देता है।
  • कमी: इसके लिए ऐप इंस्टॉल करना और इंटरनेट चालू रखना जरूरी है। साथ ही, इसमें दिखाए गए नाम हमेशा सही (KYC वाले) नहीं होते, बल्कि वो होते हैं जो लोगों ने सेव किए हैं।

CNAP बनाम Truecaller: सीधा मुकाबला

फीचरCNAP (सरकारी)Truecaller (प्राइवेट ऐप)
डेटा का स्रोतटेलीकॉम कंपनियों का KYC रिकॉर्ड (असली नाम)यूजर्स और कम्युनिटी का डेटा (क्राउडसोर्सिंग)
इंटरनेट/ऐपजरूरत नहीं (नेटवर्क से चलता है)जरूरी है (ऐप इंस्टॉल करना होगा)
स्पैम/फ्रॉड अलर्टनहीं (सिर्फ नाम दिखाएगा)हाँ (यह इसकी सबसे बड़ी खूबी है)
सटीकता (Accuracy)100% आधिकारिक नामकई बार गलत या फनी नाम हो सकते हैं
कॉल ब्लॉकिंगउपलब्ध नहींउपलब्ध है

किसका पलड़ा भारी?

  • CNAP की जीत: अगर आप सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि असली में कॉल कौन कर रहा है (प्रामाणिकता) और फ़ोन में फालतू ऐप नहीं रखना चाहते, तो CNAP बेहतर है।
  • Truecaller की जीत: अगर आपकी समस्या स्पैम कॉल्स, मार्केटिंग कॉल्स और फ्रॉड हैं, तो Truecaller अभी भी जरूरी बना रहेगा क्योंकि CNAP फिलहाल स्पैम को फिल्टर नहीं करता।

संक्षेप में, CNAP पहचान (Identity) बताता है, जबकि Truecaller पहचान के साथ-साथ सुरक्षा (Spam Protection) देता है।

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